1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. राहुल गांधी के खिलाफ FIR के फैसले पर लगी रोक, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पलटा अपना ही आदेश

राहुल गांधी के खिलाफ FIR के फैसले पर लगी रोक, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पलटा अपना ही आदेश

 Reported By: Vishal Pratap Singh Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Apr 18, 2026 08:27 pm IST,  Updated : Apr 18, 2026 08:27 pm IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के अपने ही आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि बिना नोटिस किसी पर FIR का आदेश उचित नहीं है।

Rahul Gandhi FIR case, Allahabad High Court order, Lucknow bench ruling- India TV Hindi
कांग्रेस नेता राहुल गांधी। Image Source : PTI

लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के अपने ही आदेश पर रोक लगा दी। अदालत ने माना कि बिना पूर्व नोटिस दिए किसी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश उचित नहीं है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही हाईकोर्ट ने खुली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ कथित दोहरी नागरिकता मामले में FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। अब अदालत ने अपने ताजा आदेश में स्पष्ट किया है कि इस तरह की कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस देना जरूरी होता है।

'राज्य सरकार चाहे तो केंद्रीय एजेंसी की मदद ले सकती है'

कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि FIR दर्ज होने के बाद राज्य सरकार चाहे तो जांच के लिए किसी केंद्रीय एजेंसी की मदद ले सकती है। यह आदेश जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने उस याचिका पर दिया, जिसे एस. विग्नेश शिशिर ने दायर किया था। याचिकाकर्ता ने 28 जनवरी 2026 को विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की उनकी मांग खारिज कर दी गई थी। विशेष अदालत ने पहले कहा था कि वह नागरिकता से जुड़े मामलों पर फैसला देने के लिए सक्षम नहीं है।

याचिकाकर्ता ने राहुल के खिलाफ FIR की मांग क्यों की?

याचिकाकर्ता, जो कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता हैं, ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट के तहत आता है। शुरुआत में यह शिकायत रायबरेली स्थित विशेष MP/MLA कोर्ट में दायर की गई थी। बाद में याचिकाकर्ता के अनुरोध पर इसे 17 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने लखनऊ ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद लखनऊ स्थित  MP/MLA कोर्ट ने 28 जनवरी 2026 को इस याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद याचिकाकर्ता हाईकोर्ट पहुंचे थे।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत